Fri. Feb 23rd, 2024
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झारखंड:- जमीन की खरीद-बिक्री में अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम हेमंत सोरेन को समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन हेमंत सोरेन की ओर से ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ 23 सितंबर को हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। ईडी की ओर से हेमंत सोरेन को चौथी बार समन भेज गया था।1

रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी के समन के खिलाफ शुक्रवार हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ईडी ने हेमंत सोरेन को लगातार चौथी बार समन भेजते हुए शनिवार को रांची एयरपोर्ट रोड स्थित एजेंसी के जोनल ऑफिस में उपस्थित होने को कहा था। एजेंसी उनसे जमीन घोटाले और उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ करना चाहती है। इसके खिलाफ सोरेन के हाईकोर्ट जाने से यह साफ हो गया है कि वे आज भी ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे।

ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह

हेमंत सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी की शक्तियों को चुनौती देते हुए उसकी ओर से की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया है। इसके पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाई कोर्ट जाने की दी थी सलाह

इससे पहले 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी की पीठ ने सोरेन की याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद आज सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने याचिका में पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) 2002 की धारा 50 और 63 की वैधता पर सवाल उठाया है। इसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी को धारा 50 के अंतर्गत बयान दर्ज कराने या पूछताछ के दौरान ही किसी को गिरफ्तार कर लेने का अधिकार है। इसलिए समन जारी करने के बाद गिरफ्तारी का डर बना रहता है।